तेरे अश्को के…………


तेरे अश्को के दामन से
कुछ बूँदें चुरा लूं
तेरे जुल्फों के साए में
जीवन गुज़ार दूं

  तेरे अधरों की मुस्कान पर
जां निसार दूं
दिल की माने तो तन मन बिसार दूं


पर तुझको नहीं है इल्म
मेरे प्यार का
तू तो है बेखबर नहीं है बेवफा


समझोगी जिस दिन तुम
मेरे  प्यार को
आओगी मेरे ही पास जान लो


रह न सकोगी मुझसे जुदा होकर
इतना भरोसा है अपने प्यार पर

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8 responses to this post.

  1. waah bahut sundar

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  2. नमस्ते,आपका बलोग पढकर अच्चा लगा । आपके चिट्ठों को इंडलि में शामिल करने से अन्य कयी चिट्ठाकारों के सम्पर्क में आने की सम्भावना ज़्यादा हैं । एक बार इंडलि देखने से आपको भी यकीन हो जायेगा ।

    Reply

  3. नमस्ते,आपका बलोग पढकर अच्चा लगा । आपके चिट्ठों को इंडलि में शामिल करने से अन्य कयी चिट्ठाकारों के सम्पर्क में आने की सम्भावना ज़्यादा हैं । एक बार इंडलि देखने से आपको भी यकीन हो जायेगा ।

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  4. रह न सकोगी मुझसे जुदा होकरइतना भरोसा है अपने प्यार पर sundar kavita…

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  5. इतना भरोसा है अपने प्यार पर ..waah !

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  6. रचना बेहतरीन है..आभार

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  7. बहुत सुन्दर रचना …

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  8. खुदा करे कि आपको जिस पर भरोसा है वह वापस आ जाए। नहीं तो कोई किसी पर भरोसा नहीं करेगा। मेरी शुभकामनाएं।http://udbhavna.blogspot.com/

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