जी लेने दो


The Ancient Chinese Beauty Paintings by Der Jen30 pics
कतरा-कतरा ज़िंदगी का
पी लेने दो
बूँद बूँद प्यार में
जी लेने दो

हल्का-हल्का नशा है
डूब जाने दो
रफ्ता-रफ्ता “मैं” में
रम जाने दो

जलती हुई आग को
बुझ जाने दो
आंसूओं के सैलाब को
बह जाने दो

टूटे हुए सपने को
सिल लेने दो
रंज-ओ-गम के इस जहां में
बस लेने दो

मकाँ बन न पाया फकीरी
कर लेने दो
इस जहां को ही अपना
कह लेने दो

तजुर्बा-इ-इश्क है खराब
समझ लेने दो
अपनी तो ज़िंदगी बस यूं ही
जी लेने दो
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One response to this post.

  1. मकाँ बन न पाया फकीरीकर लेने दोइस जहां को ही अपनाकह लेने दोबहुत सुन्दर अभिव्यक्ति ….प्यार में डूबे एहसास

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