कवि की नायिका तू अति सुन्दर


अधर सुन्दर
वदन सुन्दर
नयन सुन्दर
हँसी सुन्दर
ह्रदय सुन्दर
गमन सुन्दर
कवि की नायिका तू
अति सुन्दर
————————
वचन सुन्दर
चरिता सुन्दर
वसन सुन्दर
करवट सुन्दर
चलना सुन्दर
भ्रमण सुन्दर
कवि की नायिका तू
अति सुन्दर
————————-
नृत्य सुन्दर
गीत सुन्दर
भोजन सुन्दर
शयन सुन्दर
रूप सुन्दर
तिलक सुन्दर
कवि की नायिका तू
अति सुन्दर
—————————
गुंजन सुन्दर
माला सुन्दर
पुष्प सुन्दर
कंटक सुन्दर
अंजलि सुन्दर
ये पग सुन्दर
कवि की नायिका तू
अति सुन्दर
—————————

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2 responses to this post.

  1. सर्वांग सुन्दरी इस काव्यरचना के लिए आप बधाई के पात्र हैं

    Reply

  2. कवि की नायिका सुन्दर न हो तो कवि की रचना में सुन्दर भाव कहाँ से पैदा होंगें ….सुन्दर रचना

    Reply

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