अनुमति दो माँ ……….


चरण-स्पर्श का अनुमति दो माँ 
चरणों से दूर मुझे मत करो 

           ये अधिकार मुझे जन्म से ही मिला है 
इस अधिकार को मत हरो 

ऐसा क्या अनर्थ हुआ है मुझसे 
कि आपने मूंह फेर लिया 

नौ महीने मुझे गर्भा में स्थान दिया 
पर दुनिया में लाकर त्याग दिया 

माना कि गलती थी मेरी 
आपका सुध मैंने नही लिया 

पर माँ कि ममता नही होता क्षण-भंगुर 
कभी त्याग दिया कभी समेट लिया 

माना मै हूँ स्वार्थ का मारा 
माँ की ममता न पहचान पाया 

पर आप ने भी तो अधिकार न जताया 
मुझे पराया घोषित कर दिया 

अब मेरी बस इतनी इच्छा है 
आप की गोद में मैं वापस आऊँ 

अपने संतान से जब आहत हुआ ये मन 
लगा माँ की गोद में ही सिमट जाऊं 
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9 responses to this post.

  1. इस सुंदर से चिट्ठे के साथ हिंदी ब्‍लॉग जगत में आपका स्‍वागत है .. नियमित लेखन के लिए शुभकामनाएं !!

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  2. बहुत खूब……..शानदार अभिव्यक्ति लिए है ये कविता ………..भावों को सुन्दर ढंग से पिरोया है आपने ……..शुभकामनाये |कभी फुर्सत में हमारे ब्लॉग पर भी आयिए-http://jazbaattheemotions.blogspot.com/http://mirzagalibatribute.blogspot.com/http://khaleelzibran.blogspot.com/http://qalamkasipahi.blogspot.com/एक गुज़ारिश है …… अगर आपको कोई ब्लॉग पसंद आया हो तो कृपया उसे फॉलो करके उत्साह बढ़ाये

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  3. ब्लाग जगत की दुनिया में आपका स्वागत है। आप बहुत ही अच्छा लिख रहे है। इसी तरह लिखते रहिए और अपने ब्लॉग को आसमान की उचाईयों तक पहुंचाईये मेरी यही शुभकामनाएं है आपके साथ ‘‘ आदत यही बनानी है ज्यादा से ज्यादा(ब्लागों) लोगों तक ट्प्पिणीया अपनी पहुचानी है।’’ हमारे ब्लॉग पर आपका स्वागत है।मालीगांव सायालक्ष्यहमारे नये एगरीकेटर में आप अपने ब्लाग् को नीचे के लिंको द्वारा जोड़ सकते है।अपने ब्लाग् पर लोगों लगाये यहां सेअपने ब्लाग् को जोड़े यहां सेकृपया अपने ब्लॉग से वर्ड वैरिफ़िकेशन को हटा देवे इससे लोगों को टिप्पणी देने में दिक्कत आती है।

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  5. अपने संतान से जब आहत हुआ ये मन लगा माँ की गोद में ही सिमट जाऊं भाव सुंदर…कुछ खामियां हैं….ध्यान दीजिएगा

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  6. आप ने बहुत ही सुन्दर लिखा है | धन्यवाद|

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  7. अंतर्मन के सच्चे उदगार

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  8. ब्‍लागजगत पर आपका स्‍वागत है ।किसी भी तरह की तकनीकिक जानकारी के लिये अंतरजाल ब्‍लाग के स्‍वामी अंकुर जी, हिन्‍दी टेक ब्‍लाग के मालिक नवीन जी और ई गुरू राजीव जी से संपर्क करें ।ब्‍लाग जगत पर संस्‍कृत की कक्ष्‍या चल रही है ।आप भी सादर आमंत्रित हैं,संस्‍कृतम्-भारतस्‍य जीवनम् पर आकर हमारा मार्गदर्शन करें व अपने सुझाव दें, और अगर हमारा प्रयास पसंद आये तो हमारे फालोअर बनकर संस्‍कृत के प्रसार में अपना योगदान दें ।यदि आप संस्‍कृत में लिख सकते हैं तो आपको इस ब्‍लाग पर लेखन के लिये आमन्त्रित किया जा रहा है ।हमें ईमेल से संपर्क करें pandey.aaanand@gmail.com पर अपना नाम व पूरा परिचय)धन्‍यवाद

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