विरह


दुःख तुमने जो दिए
   सहा न जाए
सुख मुझसे दूर भागे
   रहा न जाए

वंचित हूँ तुम्हारे प्यार से
   क्यों समझ ना आये
कटी हूँ मैं जीवन से कैसे
   कहा ना जाए

तुम्हारा वो संगसुख
   भुलाया ना जाए
वो मृदु स्पर्श प्रेम वचन
   क्यों याद आये

वो आलिंगन वो दुःख-सुख में 
   साथ का किया था वादा 
कैसे मै विस्मरण करूँ उन पलों को 
   वो स्मरण रहेंगे सदा 

तुमने अपने दायित्व  से 
   क्यों मूंह फेर लिया 
कोई गुप्त कारण है या यूं ही
   मुझे रुसवा किया 

क्यों ऐसा लगे की तुम 
   अवश्य लौटोगे 
मेरे साथ किया गया वादा 
तुम अवश्य निभाओगे 

ये जो लोग कहे की जानेवाला 
   वापस न आये कभी 
मै जानूं तुम कोई गया वक्त नही हो 
   जो लौट न पाओगे

Advertisements

16 responses to this post.

  1. बहुत बढ़िया…आप बहुत सुंदर कविता लिखती है…..इस्सी तरह लिखती रहिये..और हम इसी तरह पड़ते रहेंगे…आपको सहराते रहेंगे…

    Reply

  2. उम्दा भावपूर्ण प्रस्तुति ..

    Reply

  3. bahut khoobsurat rachna .. :)touched.

    Reply

  4. bahut sunder….

    Reply

  5. bahut hi sunder…dobara padhne chala aaya

    Reply

  6. ये जो लोग कहे की जानेवाला वापस न आये कभी मै जानूं तुम कोई गया वक्त नही हो जो लौट न पाओगे..बहुत भावपूर्ण..अंतिम पंक्तियाँ लाज़वाब..

    Reply

  7. सुन्दर अभिव्यक्ति.

    Reply

  8. ये जो लोग कहे की जानेवाला वापस न आये कभी मै जानूं तुम कोई गया वक्त नही हो जो लौट न पाओगेयाद तो वो आते है जिन्हे हम भुल जाते हैजो दिल में रहते है वो दूर कहॉ जाते है।

    Reply

  9. विरह के भावो को परिलक्षित करती रचना बहुत सुन्दर है।

    Reply

  10. बढ़िया प्रयास..शुभकामनाएँ.

    Reply

  11. priya anna ji pranam ,bahut hi marmik kavita se paichit karaya hai aapne, sundar rachana , badhai .

    Reply

  12. jo chala jata haivo fir lautkar nhi aatakhubsurat rachna

    Reply

  13. jo ek bar chale jate hainvo fir kabhi lautkar nhi aatekhubsurat rachna

    Reply

  14. आपकी उम्दा प्रस्तुति कल शनिवार 29.01.2011 को "चर्चा मंच" पर प्रस्तुत की गयी है।आप आये और आकर अपने विचारों से हमे अवगत कराये……"ॐ साई राम" at http://charchamanch.uchcharan.com/आपका नया चर्चाकार:Er. सत्यम शिवम (शनिवासरीय चर्चा)

    Reply

  15. ऐसी कवितायें रोज रोज पढने को नहीं मिलती…इतनी भावपूर्ण कवितायें लिखने के लिए आप को बधाई…शब्द शब्द दिल में उतर गयी.

    Reply

  16. सार्थक और बेहद खूबसूरत,प्रभावी,उम्दा रचना है..शुभकामनाएं।

    Reply

Leave a Reply

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out / Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out / Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out / Change )

Google+ photo

You are commenting using your Google+ account. Log Out / Change )

Connecting to %s

%d bloggers like this: