बूँद न टपक जाए



बूँद  न टपक जाए पलकों से 

थाम लूं हाथों से सपनो को 
बंद पलकों से सपने क्या ख़ाक गिरेंगे 
खोल लो इन बंद पलकों को 
              आँखों ने रची थी साजिश 
              पलने न देंगे ख्वाबों को 
              बुनने न देंगे ज़िन्दगी के 
              उधड़े तानो बानो को 
लाख बचा लो सपनो को 
है वो रेत का महल आखिर 
टूटेगा सपना गिरेगा महल 
सच्चाई हो जायेगी ज़ाहिर 
         
                 पलके है अस्मत आँखों की 
                 नज़रों को नज़रों से बचाना है 
                खुले पलकों में ऐ कमबख्त
               ख्वाव कैसे पलता है . 
                
Advertisements

11 responses to this post.

  1. पलके है अस्मत आँखों की नज़रों को नज़रों से बचाना है खुले पलकों में ऐ कमबख्तख्वाव कैसे पलता है . अगर यह पता चल जाए तो फिर हम समझ जाएँ की अच्छा ख़्वाब और बुरा ख़्वाब हम स्वयं निर्धारित कर लेंगे …आपका आभार

    Reply

  2. आँखों ने रची थी साजिश पलने न देंगे ख्वाबों को बुनने न देंगे ज़िन्दगी के उधड़े तानों-बानों कोआंखों की साजिश, ख़्वाबों के ख्य़िलाफ,वाह, बेहतरीन पंक्तियां।

    Reply

  3. लाख बचा लो सपनो को है वो रेत का महल आखिर टूटेगा सपना गिरेगा महल सच्चाई हो जायेगी ज़ाहिर औरआँखों ने रची थी साजिश पलने न देंगे ख्वाबों कोवाह बहुत बढ़िया

    Reply

  4. लाजवाब है ये रचना, विवेक जैन vivj2000.blogspot.com

    Reply

  5. आँखों ने रची थी साजिश पलने न देंगे ख्वाबों को अच्छी रचना ||आँखे हैं दोषी बड़ी, लेती वो सब देख |देखें सारे छिद्र पर, पढ़ती कम आलेख ||पढ़ती कम आलेख, सरसरी डाल निगाहें |करती भली टिप्पणी, अक्सर झूठ सराहें || आये गलती ध्यान, मैल मन में न राखें | आलोचक बन लिखें, ध्यान देकर के आँखें ||

    Reply

  6. शानदार अभिव्यक्ति।

    Reply

  7. पलके है अस्मत आँखों की नज़रों को नज़रों से बचाना है खुले पलकों में ऐ कमबख्तख्वाव कैसे पलता है LAAJAWAAB… RACHNA. SUNDAR MANOBHAV

    Reply

  8. bhut khubsurat rachna…….

    Reply

  9. लाख बचा लो सपनो को है वो रेत का महल आखिर टूटेगा सपना गिरेगा महल सच्चाई हो जायेगी ज़ाहिर waah

    Reply

  10. पलके है अस्मत आँखों की नज़रों को नज़रों से बचाना है खुले पलकों में ऐ कमबख्त ख्वाव कैसे पलता है . waah …

    Reply

  11. waah, bahut khub anamika ji…:)

    Reply

Leave a Reply

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out / Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out / Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out / Change )

Google+ photo

You are commenting using your Google+ account. Log Out / Change )

Connecting to %s

%d bloggers like this: