तुम्हारी साँसों की..


तुम्हारी साँसों की खुशबू से
महका मधुमास इस आँगन में
पहले कभी न महका था यूं
हवा इस गीले सावन में

फूलों में भी ये मादकता
दिखी न कभी इस बगिया में
मन भी कभी न भटका ऐसे
फूलों वाली मौसम में

सूनी सी इस जीवन में जो
था रीतापन खारापन
मौसम परिवर्तन ने जैसे
अनायास भर दिया यौवन

अरुणोदय चंद्रोदय अब तो
भाता  है खूब इस मन को
आसमान की नीलिमा भी
रंगीन लगता है अब तो

संध्या की इस लालिमा से
भर दूं मांग …मेरी हो तुम
शायद हवा बहती हुई
ये कथा कह दे सुन लेना तुम

Advertisements

18 responses to this post.

  1. मन के भाव को शब्दों में पिरोया है …बहुत खूब …

    Reply

  2. कविता का प्रवाह, लय और भाव आकर्षित करता है।

    Reply

  3. bahut sundar prastuti .

    Reply

  4. बेहद सुन्दर भावपूर्ण प्रस्तुति |'फूलों में भी यह मादकता ——–मौसम में 'सुन्दर रचना के लिए बधाई |आशा

    Reply

  5. बहुत सुन्दर प्रस्तुति…

    Reply

  6. वाह…..क्या शब्द चयन है …….बहुत खूब …

    Reply

  7. क्या बात है , बहुत सुन्दर ..

    Reply

  8. सुन्दर प्रस्तुति | मेरे नए पोस्ट पर आपका इंतजार रहेगा । धन्यवाद ।

    Reply

  9. सुन्दर प्रस्तुति ||बधाई || http://terahsatrah.blogspot.com

    Reply

  10. सुन्दर रचना।

    Reply

  11. सुन्दर भावपूर्ण रचना….बधाई

    Reply

  12. वाह! खूबसूरत नजारे।

    Reply

  13. बहुत खूबसूरत , बधाई.

    Reply

  14. बढिया प्रस्‍तुति। हर बार की तरह इस बार भी गजब की तस्‍वीर।

    Reply

  15. आपके इस सुन्दर प्रविष्टि की चर्चा दिनांक 05-12-2011 को सोमवारीय चर्चा मंच पर भी होगी। सूचनार्थ

    Reply

  16. संध्या की इस लालिमा सेभर दूं मांग …मेरी हो तुमशायद हवा बहती हुईये कथा कह दे सुन लेना तुम…बहुत सुंदर मन के भाव …प्रभावित करती रचना …

    Reply

  17. बढ़िया प्रस्तुति Gyan DarpanMatrimonial Site

    Reply

Leave a Reply

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out / Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out / Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out / Change )

Google+ photo

You are commenting using your Google+ account. Log Out / Change )

Connecting to %s

%d bloggers like this: