मेरी कवितायें……


मेरी कवितायें है एक आह़त पक्षी सम
गिरे तेरे कदमों पर हे! मेरे प्रियतम
जो पक्षी है आह़त नयन – वाण से
प्रिये उठा लो उसे……. धीरे से


वो सब स्वच्छंद विचरण-
 करती थी , नील नभ पर ,
तुम्हारे नयन-बाण ने
 किया आह़त कब न जानूं पर ,


मृत्यु गीत विषाद से भरा 
पर है ये अमृत सम 
 उदासी के साथ- साथ
 ये कवितायें है जीवन मम 
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16 responses to this post.

  1. प्रभावशाली रचना…..

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  2. वाह …बहुत बढि़या।

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  3. सुन्दर रचना…सादर शुभकामनाएं….

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  4. मेरी कवितायें है एक आह़त पक्षी समगिरे तेरे कदमों पर हे! मेरे प्रियतमजो पक्षी है आह़त नयन – वाण सेप्रिये उठा लो उसे……. धीरे सेबहुत सुन्दर

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  5. …बहुत सुन्दर…

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  6. खूबसूरत शब्दों से सजी गहरे भावों वाली सुंदर रचना बधाई समय मिले कभी तो आयेगा मेरी पोस्ट पर आपका स्वागत है http://mhare-anubhav.blogspot.com/

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  7. कल 23/12/2011को आपकी यह पोस्ट नयी पुरानी हलचल पर लिंक की जा रही हैं.आपके सुझावों का स्वागत है .धन्यवाद!

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  8. सुन्दर रचना

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  9. अच्छे शब्दों का प्रयोग किया है शुभकामनाये

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  10. गहरे भाव….

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  11. Kavita ji…Nayan baan se khag, mrug, insaaan…Saare hi ghayal hote hain..Aah nikalti nahi juban se..Peer se par, kaayal hote hain…Naam se bhi jo khud 'Kavita' hain…Unki kavita ka kya kahna…Hindi gyan vilakshan enka…Bhavon ka jyon bahta jharna…Sundar bhav..Deepak Shukla…

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  12. तुम्हारे नयन-बाण ने किया आह़त कब न जानूं पर , बहुत सुंदर अच्छी लगी , आभार

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  13. बहुत खूब

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  14. मृत्यु गीत विषाद से भरा पर है ये अमृत सम उदासी के साथ- साथये कवितायें है जीवन मम बहुत सुन्दर !

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