पेड़ के ….


Free Image Hosting

पेड़ के पीछे से
झरनों के नीचे से
नदियों के किनारे से
बागियों के दामन से
पहाड़ों की ऊँचाई से
नाम तेरा पुकारूं


पेड़ो से टकराकर
झरनों से लिपटकर
नदियों से बलखाकर
बागियों को महकाकर
पहाडो की वादियों से
नाम तेरा गूंजे
तुझे कई बार सुनाई दे


Advertisements

12 responses to this post.

  1. wah kya khoob likha hai Ana ji apne …badhai.

    Reply

  2. वाह बहुत खूब …हर भाव नज़र आ गया इस छोटी सी कविता में

    Reply

  3. short, yet sweet. is kavita ke liye shukriya =)

    Reply

  4. पेड़ के पीछे सेझरनों के नीचे सेनदियों के किनारे सेबागियों के दामन सेपहाड़ों की ऊँचाई सेनाम तेरा पुकारूंपेड़ो से टकराकरझरनों से लिपटकरनदियों से बलखाकरबागियों को महकाकरपहाडो की वादियों सेनाम तेरा गूंजेतुझे कई बार सुनाई देशानदार, एक जूनून सा झलकता है कविता में !

    Reply

  5. बढ़िया प्रस्तुति Gyan Darpan..

    Reply

  6. बहुत सुन्दर…

    Reply

  7. Bahut hi sunder kavita

    Reply

  8. bahut komal ehsaas bahut khoob.

    Reply

  9. बहुत सुन्दर..kalamdaan.blogspot.in

    Reply

  10. क्‍या बात है…..बहुत खूब

    Reply

  11. पहाडो की वादियों सेनाम तेरा गूंजेतुझे कई बार सुनाई देबहुत सुन्दर सोच

    Reply

Leave a Reply

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out / Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out / Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out / Change )

Google+ photo

You are commenting using your Google+ account. Log Out / Change )

Connecting to %s

%d bloggers like this: