रिश्ते… खट्टे-मीठे


रिश्तो में क्या रखा है –
आदम-जात का धोखा है ,
जुड़ना है गर रिश्ते संग
टूटन का दर्द सहना है ।।


रिश्ते है ख्वाब  मानिंद –
आज सच कल धोखा है ,
ख़ुशी में छुपा वो दर्द
गम के पटल पर दीखता है ।।






सुकून है गुमनामी में-
रिश्ते का घाव रिस्ता है ,
नफरत औ प्यार का खिचड़ी बस-
पल-पल दर्द चुभोता है ।।


पर ये खट्टे रिश्ते भी-
मीठे फल दे जाते है,
कुछ मासूम-चंचल रिश्ते
जीने को उकसाते है ।।


कुछ उलझन ज़िन्दगी की
पल में ये सुलझाते है,
अपने-पराये से ये रिश्ते
जीने का मकसद दे जाते है ।।

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20 responses to this post.

  1. के बारे में महान पोस्ट "रिश्ते… खट्टे-मीठे"

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  2. सच में रिश्ते जीने का मकसद देते हैं

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  3. बहूत सुंदर भाव अभिव्यक्ती…सुंदर भाव संयोजन….

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  4. ये खट्टे मीठे पल यूँ ही बने रहे ….

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  5. udwelit karti bhaavpran rachna, badhai.

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  6. जिसे रिश्तों की समझ है उसी का जीवन सफल है।

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  7. शनिवार 09/06/2012 को आपकी यह पोस्ट http://nayi-purani-halchal.blogspot.in पर लिंक की जाएगी. आपके सुझावों का स्वागत है . धन्यवाद!

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  8. अपने-पराये से ये रिश्तेजीने का मकसद दे जाते है ।।waah..beautiful…

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  9. सच बात कही आपने। सादर

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  10. कुछ उलझन ज़िन्दगी कीपल में ये सुलझाते है,अपने-पराये से ये रिश्तेजीने का मकसद दे जाते है ।।=========================रिश्ते ही जीने का मकसद सिखाती है |शानदार परस्तुति है – धन्यवाद |

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  11. कुछ उलझन ज़िन्दगी कीपल में ये सुलझाते है,अपने-पराये से ये रिश्तेजीने का मकसद दे जाते है ।।risto me jindgi btati hubsurat abhivaykti….

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  12. वाह…सुन्दर भावपूर्ण प्रस्तुति…बहुत बहुत बधाई…

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  13. अपने-पराये से ये रिश्तेजीने का मकसद दे जाते है ।।…………वाह बहुत सुन्दर भाव संयोजन

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  14. सुकून है गुमनामी में-रिश्ते का घाव रिस्ता है ,नफरत औ प्यार का खिचड़ी बस-पल-पल दर्द चुभोता है ..ये सच है की रिश्तों में कभी कभी दर्द होता है .. पर दर्द के डर से रिश्ते छोड़े भी तो नहीं जाते …

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  15. कुछ उलझन ज़िन्दगी कीपल में ये सुलझाते है,अपने-पराये से ये रिश्तेजीने का मकसद दे जाते है ।मुझे तो ये पंग्तियाँ बहुत ही अच्छी लगी

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  16. 'कुछ उलझन ज़िन्दगी कीपल में ये सुलझाते है,'सच है!

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  17. पर ये खट्टे रिश्ते भी-मीठे फल दे जाते है,कुछ मासूम-चंचल रिश्तेजीने को उकसाते है ।।बहुत बढ़िया भावपूर्ण प्रस्तुति,सुंदर रचना,,,,,RESENT POST ,,,, फुहार….: प्यार हो गया है ,,,,,,

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  18. कुछ उलझन ज़िन्दगी कीपल में ये सुलझाते है,अपने-पराये से ये रिश्तेजीने का मकसद दे जाते है ।।बेहतरीन भाव संयोजित किये हैं आपने …

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