ये चीत्कार !


ये चीत्कार !
ये हाहाकार !
ये संहार !!!    क्यों ?


ये संत्रास ! 
ये परिहास !
सब बदहवास ! क्यों?


ये वारदात !
ये मारकाट !
सब बरबाद ! क्यों?




प्रशासन हाय !
नाकामी दर्शाय !
नाकाबिल ये !   क्यों??


देश है त्रस्त !
लुटेरे है मस्त !
अनाचार ज़बरदस्त ! क्यों?


कोई तो बताये !
कौन है सहाय!
अब सहा न जाए !   यूं ।।

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24 responses to this post.

  1. इस क्यों का जवाब कौन देगा ? विचारणीय रचना

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  2. इन प्रश्नो के जवाब मिलने इतने आसान नही

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  3. गहन भाव लिए..बहुत ही बेहतरीन रचना…

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  4. me nepal se hu. muhe hindi thoda samjme aata he. aur me hindi sikna chata hu aur hindi article padna vi. muhe ye kabita bahat acchha laga 🙂

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  5. ye kyu bahut bhayanak hai jo sadiyon se chala aa raha hai lekin badlaav door door tak nazar nahi aata.

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  6. यह प्रश्न खुद समस्या की ओर इंगित कर रहा है. बहुत सुंदर चिंतन और सुंदर कविता.

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  7. bahut hi behtareen sargarbhit prshno ko sametati hui rachana …abhar ana ji

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  8. बहुत सुन्दर रचना..

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  9. ये चीत्कार, ये हाहाकार खुद का खुद के अंदर ही है … और खुद ही दुरुस्त किया जा सकता है …

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  10. इस एक क्यूँ का जवाब शायद हामरे अंदर ही छुपा है कहीं बस देश के हर एक नागरिक को खुद को समझना अभी बाकी है।

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  11. इस क्यूँ का कोई जवाब ही नहीं हैं ….बेहद उम्दा रचना

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  12. बहुत सुन्दर प्रस्तुति!आपकी इस प्रविष्टी की चर्चा कल सोमवार (19-06-2012) के चर्चा मंच पर भी होगी!सूचनार्थ!

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  13. बेहद सार्थक भाव …

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  14. आखिर कौन बचाए…. :-(मेरे ब्लॉग पर…. पापा, आपसे माफ़ी मांगता ही रहूँगा…...

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  15. कोई बताये , कौन है सहाय, सब पूछ हारे , हाय !

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  16. विचरोत्तेजक रचना।

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  17. देश है त्रस्त !लुटेरे है मस्त !अनाचार ज़बरदस्त ! क्यों?सशक्त प्रभावी रचना,,,,,, RECENT POST ,,,,,पर याद छोड़ जायेगें,,,,,

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  18. बड़े प्रश्न हैं…उत्तर बनना होगा हमें ही!

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  19. बड़े मुश्किल है ये प्रश्न…..कौन दे आखिर जवाब…………????

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  20. सशक्त और प्रभावशाली प्रस्तुती….

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  21. कोई तो बताये !कौन है सहाय!अब सहा न जाए ! यूं ।सही कहा आपने, आपसे सहमत …

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  22. सुंदर प्रस्तुति !

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  23. इस क्यों का जवाब कौन दे पायेगा भला

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